
मध्यप्रदेश सरकार के नई दिल्ली में चाणक्यपुरी स्थित मप्र भवन एवं वसंत कुंज स्थित मध्याचंल भवन में प्रदेश के विधायकगण पांच दिन तक मुफ्त में ठहर सकेंगे। पहले वे सिर्फ तीन दिन ही मुफ्त में ठहर सकते थे। इस संबंध में राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने इन भवनों में ठहरने के नियमों में संशोधन कर दिया है। ऐसा पक्ष एवं विपक्ष के विधायकों के आग्रह पर किया गया है।
संशोधित नियमों के अनुसार, अब यदि विधायकगण उक्त भवनों में एक माह में पांच दिनों से अधिक ठहरते हैं तो उनसे ए श्रेणी के कक्ष का दो हजार रुपये, बी श्रेणी कक्ष का एक हजार रुपये, सी श्रेणी कक्ष का पांच सौ रुपये, डारमेटरी कक्ष का 300 रुपये एवं अतिरिक्त बेड का 200 रुपये प्रतिदिन वसूला जायेगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने उक्त भवनों में ठहरने के लिये गत वर्ष 10 अगस्त 2015 को नये नियम जारी किये थे। इसमें विधायकों को सिर्फ तीन दिन ठहरने की सुविधा दी गई थी और वह भी सशुल्क तथा दिल्ली आने का शासकीय कारण उल्लेखित करना था। इस पर विधायकों ने विरोध किया तो 2 जनवरी 2016 को नियमों में संशोधन कर उन्हें माह में तीन दिन एवं वर्ष में अधिकतम 30 दिन मुफ्त ठहरने की सुविधा प्रदान कर दी गई तथा दिल्ली आने का कारण भी उल्लेखित न करने की छूट दे दी।
परन्तु इसके बावजूद भी विधायक असंतुष्ट रहे जिस पर अब उन्हें माह में पांच दिन मुफ्त में ठहरने की सुविधा प्रदान कर दी गई है।
- डॉ नवीन जोशी