
29 नवम्बर 2016, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के 11 वर्ष पूरे कर रहे हैं, जो कि अपने आप में एक रिकार्ड है. बीजेपी इस अवसर पर प्रदेश के सभी 62,926 मतदान केन्द्रों में घर-घर दीपोत्सव के रूप में मनायेगी.
मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के कार्यकाल को जनसेवा और जनकल्याण के 11 वर्ष निरूपित करते हुए कहा, "बीजेपी इस अवसर को विभिन्न तरीकों से जश्न मनायेगी. इसमें प्रदेश में 62,926 मतदान केन्द्रों के प्रत्येक घर में दीप जलाये जायेंगे." उन्होंने कहा कि बीजेपी ने 30 नवम्बर से एक पखवाड़े तक प्रदेश में हितग्राही सम्मेलन आयोजित कर व्यक्तिमूलक, परिवारमूलक योजनाओं के लाभार्थियों से जीवन्त संवाद बनाने के लिए हितग्राही सम्मेलनों की श्रृंखला आयोजित की है. 29 नवंबर को भोपाल के सुभाष चौक में शाम 6 बजे वृद्घजन और आमजन मुख्यमंत्री चौहान का सम्मान करेंगे.
नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सभी वर्गों के लिये अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं. इससे समाज के युवा, महिलाओं, बालिकाओं सहित सभी वर्गो को लाभ पहुंचा है. उन्होंने प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि चौहान ने 11 वर्ष मुख्यमंत्री के रूप में न होकर जनसेवक के रूप में पूरे किए हैं.
शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं और मध्यप्रदेश के इतिहास में ऐसे पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने लगातार प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर सबसे अधिक 11 साल पूरे किये हैं. मध्यप्रदेश का गठन एक नवंबर 1956 में हुआ. चौहान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में सबसे पहले 29 नवंबर 2005 में शपथ ली थी.
चौहान के नेतृत्व में बीजेपी ने वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में 230 सीटों में से 143 पर विजय के साथ बहुमत हासिल कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया था. तब चौहान वर्ष 2008 में दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. मध्यप्रदेश के चर्चित व्यापमं घोटाले के आरोपों के बावजूद चौहान वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की 165 विधानसभा सीटों पर जीत के साथ 14 दिसंबर 2013 को तीसरी बार मुख्यमंत्री बने.