
एक्स्पो में शनिवार को पंचायती राज मंत्री गोपाल भार्गव करेंगे भोपाल जिले की फसल बीमा राशि 67.45 करोड़ का वितरण
राज्य सरकार के पांच व केन्द्र सरकार के पांच स्टाल सहित जर्मनी व इटली की कंपनियों के लगभग 125 स्टाल लगे
9 दिसम्बर 2016, चौथा इंटरनेशनल एग्री एण्ड हॉर्टी टेक्नालॉजी एक्स्पो आज से बिट्ठन मार्केट स्थित दशहरा मैदान पर आरंभ हुआ। लगभग 125 स्टालों वाले इस तीन दिवसीय एक्स्पो का उद्घाटन प्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने किया। 11 दिसम्बर तक चलने वाले इस एक्स्पो में खेती-बाड़ी की मशीनों, डेयरी उपकरणों, टपक सिंचाई सामग्री, मिट्टी परीक्षण, बागवानी सहित विभिन्न सेवाओं व उत्पादों के स्टाल लगाये गए हैं। आम जनता सहित इस एक्स्पो से किसानों, कृषि उत्पाद निर्माताओं, उद्यमियों तथा इस क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स को फायदा होगा।
इस अवसर पर किसानों की एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कैशलेस बनाने का है। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन अब लक्जरी न होकर दैनिक जीवन का हिस्सा हो गया है। इससे किसान कृषि से जुड़ी योजनाओं की जानकारी लेने से लेकर मिलने वाली सब्सिडी को सीधे अपने खाते में जमा करवा सकते हैं। वे इसके उपयोग से फसल बेच सकते हैं तथा इससे मिलने वाली राशि को अपने बैंक खाते में जमा करवा सकते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप वर्ष 2022 तक प्रदेश के किसानों की आमदनी को दुगना करने का लक्ष्य प्राप्त कर लेगी। इसके लिए विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार बीते चार वर्षों से लगातार जीतती आ रही कृषि कर्मण अवार्ड को पांचवे वर्ष भी जीतेगी।
एक्स्पो आयोजक संस्थान भारती मीडिया एण्ड इवेंट्स के डायरेक्टर भरत बालियान ने कहा कि यह एक्स्पो किसानों व कृषि व बागवानी उत्पाद निर्माताओं व सेवा प्रदाताओं को मिलाने का मंच है। इस एक्स्पो में नवीनतम तकनीक के इस्तेमाल से बने कृषि उपकरण, गैजेट्स तथा सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला को डिस्प्ले किया गया है। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष इस एक्स्पो को देखने लगभग 35,000 लोग आए थे जिनकी संख्या इस वर्ष बढ़कर 50,000 होने का अनुमान है।
श्री भरत ने यह भी बताया कि एक्स्पो में शनिवार को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव भोपाल जिले के किसानों को राज्य फसल बीमा राशि का वितरण करेंगे।