
10 फरवरी 2017। नोटबंदी के कारण बैंकों में नगदी तरलता में काफी वृध्दि हुई है और बैंकों ने ब्याज दर में भी कटौति कर दी है। इसलिये अध्र्द शासकीय संस्थायें इसका लाभ लें। ये ताजा निर्देश राज्य सरकार ने वित्त विभाग के माध्यम से सभी विभागों को भेजे हैं।
निर्देशों में बैंकों के द्वारा कर्जों पर ब्याज दरों में कटौति के संबंध में कहा गया है कि राज्य शासन की कुछ अध्र्द शासकीय संस्थाओं द्वारा राज्य शासन की गारंटी पर विभिन्न वित्तीय संस्थाओं से उच्च ब्याज दर पर ऋण लिया गया है। विमुद्रीकरण यानी नोटबंदी के फलस्वरुप बैंकों में नगदी तरलता में काफी वृध्दि हुई है, इसके परिणामस्वरुप कुछ बैंकों द्वारा ब्याज दर में कटौति भी की गई है।
निर्देशों में विभागों से कहा गया है कि उनके अंतर्गत जिन संस्थाओं ने बैंकों से उच्च ब्याज दर पर ऋण लिया है, ऐसी संस्थाओं को निर्देशित करें कि कम ब्याज दरों का फायदा उठाते हुये पूर्व ऋण देयताओं को स्वेप यानी खत्म करें।
भौतिक चालान जमा करने की सुविधा की तिथि बढ़ी :
इधर वित्त विभाग ने दस हजार रुपये से अधिक की राशियों को भौतिक चालान से जमा करने की तिथि में वृध्दि कर दी है। अब भौतिक चालान से दस हजार रुपये से अधिक की राशि 31 मार्च 2017 तक जमा की जा सकेगी। उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग ने गत वर्ष 4 जुलाई को निर्देश जारी किये थे कि 1 सितम्बर 2016 से दस हजार रुपये से अधिक की राशि सायबर ट्रेजरी के माध्यम से ही जमा हो सकेगी तथा भौतिक चालान से जमा नहीं होगी। परन्तु कई विभागों ने अनुरोध किया कि विशिष्ट स्वरुप के प्रकरणों के लिये व्यवस्था स्थापित करने में अभी कुछ समय और लगेगा। इस पर वित्त विभाग ने उक्त तिथि को बढ़ाकर 2 जनवरी 2017 किया तथा फिर तिथि को बढ़ाकर 31 जनवरी 2017 किया और अब पुन: तिथि में वृध्दि कर इसे 31 मार्च 2017 तक कर दी है। अब 1 अप्रैल 2017 से दस हजार रुपये से अधिक की राशि भौतिक चालान के बजाये सायबर चालान से ही जमा हो सकेगी।
- डॉ नवीन जोशी