11 मील और पेट्रोल पंप पर खड़े 16 ट्रकों को ले भागे ड्रायवर

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Place: Bhopal                                                👤By: प्रतिवाद                                                                Views: 18615

19 फरवरी 2017, राजधानी के निकट होशंगाबाद रोड व विदिशा रोड सहित अन्य पांच मार्गों पर गुरूवार रात रेत उत्खनन व परिवहन माफियाओं के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद शुक्रवार व शनिवार की दरम्यानी रात में 11 मील और पेट्रोल पंप के किनारे खड़े 16 डम्परों को ड्रायवरों ने टायर में हवा भराकर गाड़ी को ले भागे। ज्ञात हो कि गुरूवार को कार्रवाई के दौरान डम्पर के ड्रायवरों ने गाड़ी में भरी रेत सड़क पर फेंककर उसके टायर का हवा निकालकर चाबी लेकर भागने में सफल हो गए थे। मजे की बात ये हे कि इन डम्परों के बारे में खनिज विभाग के निरीक्षकों को कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में खनिज विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि ड्रायवर इन डम्परों को लेकर भाग गए हैं, लेकिन इन्हें छोड़ा नहीं जाएगा क्योंकि इनका नंबर मेरे पास मौजूद हैं। इसके अलावा रेत से भरे 34 डम्परों व ट्रक कहां गायब हो गए, इसका अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।



यह है मामला -

गौरतलब है कि गुरूवार को देर रात को रेत के अवैध कारोबार के खिलाफ खनिज विभाग, पुलिस व जिला प्रशासन ने पूरे राजधानी में कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान कुल 102 ट्रक पकड़े गए थे। लेकिन सुबह होते ही इनकी संख्या घटकर 68 रह गई थी। 34 ट्रक कहां गए इसके बारे में जिम्मेदारों को पता ही नहीं है। 11 मील चौराहे पर 12 और एक पेट्रोल पंप पर 4 डंपर यानि कुल 16 डंपरों की चाबी लेकर ड्रायवर गाड़ी छोड़कर भाग निकले थे। जबकि शेष बचे हुए 52 डंपर लाल परेड ग्राउण्ड पर अभी भी खड़े हुए हैं।



प्रकरण बनाने को लेकर उलझा विभाग

खनिज विभाग के अधिकारी रेत के अवैध परिवहन को लेकर 52 ट्रक और डंपर पर प्रकरण बनाने में उलझे हुए है कि आखिर किस आधार पर प्रकरण बनाया जाए। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि जब जांच में ट्रकों को पकड़ा गया था, तब ड्रायवरों के पास रायल्टी रसीद नहीं थी। इधर ट्रक और डंपर पकड़ाने के दूसरे ही दिन सभी वाहनों के मालिक मैन्युवली रायल्टी रसीद लेकर पहुंच गए हैं। अब निरीक्षक असमंजस में हैं कि आखिर प्रकरण किस आधार पर बनाया जाए। हालांकि इस मामले में सीईओ भार्गव का स्पष्ट कहना है कि जब आप कोई वाहन लेकर जाएंगे और पुलिस पकड़कर पूछेगी कि आपका लायसेंस कहां है। यदि लायसेंस मौके पर दिखा सके तो छोड़ दिया जाएगा, अन्यथा आपको जुर्माना भरना ही पड़ेगा। एक फ रवरी से मैन्युवली रायल्टी रसीदें ही बंद हो गई है। ऐसे में यदि कोई ईटीपी रसीद दिखाएगा, जरूर उसकी बात मानी जाएगी।







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