
4 मार्च 2017, जानी मानी महिला पहलवान बबीता फोगाट आज सीआईआई यंग इंडियन्स द्वारा आयोजित वार्षिक कार्यक्रम में भाग लेने भोपाल पहुंचीं। इस दौरान आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने यंग इंडियन्स के विभिन्न वर्टिकल्स द्वारा शहर में किये जा रहे कार्यों की सराहना की और आगे भी इन कार्यो को जारी रखने की बात कही। उन्होंने यंग इंडियन्स द्वारा शहर में स्वच्छता के लिए चलाए जा रहे डस्टबिन अभियान को एक अच्छा कदम बताया और कहा कि हम सभी को देशव्यापी स्वच्छता अभियान का हिस्सा बनकर अपने घर, मोहल्ले व शहर को साफ रखने में योगदान देना चाहिए। उन्होंने सी आई आई यंग इंडियन्स को धन्यवाद देते हुए कहा की में बहुत गर्वान्वित महसूस कर रही है की मुझे सी आई आई यंग इंडियंस से जुड़ने का और भोपाल आने का मौका मिला।
महिला सुरक्षा के सवाल पर बबीता ने कहा कि हर लड़की को धाकड़ होना चाहिए और लडकियां धाकड़ होती भी है, सिर्फ गीता.बबीता ही धाकड़ नही है।
मीडिया से बात करते हुए बबीता ने बताया के दंगल की सफलता के बाद से उनकी ज़िन्दगी पूरी तरह से बदल चुकी है और अब उनकी ज़िन्दगी में कुछ भी पर्सनल नही रहा और उन्हें ये भी पता चला के लोग उनसे कितना प्यार करते है और सम्मान देते है।
उन्होंने आगे कहा की दंगल के कारण लोगों की मानसिकता में काफी बदलाव आया है अब माँ.बाप अपनी बच्चियों को उनके पास रेसलिंग की ट्रेनिंग के लिए लेकर आते है। उन्हें गर्व महसूस होता है जब लोग उनसे प्रेरित होते है और अपनी बच्चियों को स्पोर्ट्स में आने के लिए प्रोत्साहन देते है। उन्होंने यह भी कहा की हम अपनी तरफ से हर मुमकिन कोशिश करते है, जब हमने ट्रेनिंग शुरू की थी तब हमे इतनी सुविधाएं नही मिलती थी अब काफी बदलाव आ गए है और सुविधाएं भी बढ़ी है। हम एक रेसलिंग अकादमी खोलने की योजना भी बना रहे है पर उसमे अभी काफी समय है।
बबीता ने आगे कहा की यह गर्व की बात है की महिलाएं भारत के लिए मैडल लेकर आ रही है और इसमें उन सभी लोगों को श्रेय जाता है जो किसी न किसी तरह से खिलाड़ियों के साथ जुड़े है।