
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में हुए ब्लास्ट की जांच अब केंद्रीय जांच एजेसी (एनआईए) करेगी. केंद्र सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. ब्लास्ट के पीछे आईएसआईएस से प्रभावित संदिग्ध आतंकियों का हाथ बताया जा रहा है.
एडीजी इंटेलीजेंस राजीव टंडन ने एनआईए जांच के आदेश जारी होने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि एनआईए की एक विशेष टीम अगले एक या दो दिन में राजधानी पहुंचकर पूरे मामले की जांच अपने हाथों में ले लेगी. हालांकि, ब्लास्ट के अगले ही दिन एनआईए की एक टीम ने शाजापुर पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी
इस मामले में सबसे पहले उज्जैन जीआरपी पुलिस ने केस दर्ज किया था, जिसके बाद एमपी एटीएस को पूरा केस ट्रांसफर किया गया था.
क्या है पूरा मामला
पिछले मंगलवार को भोपाल से उज्जैन जा रही पैसेंजर गाड़ी संख्या 59320 के शाजापुर जिले के जबड़ी रेलवे स्टेशन से निकलते ही एक डिब्बे में धमाका हुआ. धमाके में नौ यात्री घायल हुए थे.
प्रारंभिक जांच में संकेत मिल गए थे कि यह महज हादसा न होकर एक आतंकी हमला है, जिसके बाद तेलंगाना पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर पूरी साजिश का खुलासा हो गया.
-भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ब्लास्ट में शामिल तीन आरोपी भोपाल रेलवे स्टेशन से पिपरिया होते हुए लखनऊ के लिए रवाना हुए थे.
-ब्लास्ट को एमपी पुलिस ने केवल शॉर्ट सर्किट बताया था, लेकिन तेलंगाना पुलिस के रडार पर थे बम रखने वाले तीनों संदिग्ध आतंकी.
-तेलंगाना पुलिस के इनपुट पर एमपी पुलिस और एटीएस ने होशंगाबाद पुलिस को अलर्ट किया.
-होशंगाबाद पुलिस ने पिपरिया में टोल नाके से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया.
-पिपरिया से पकड़े गए दानिश, आतिक और सैय्यद मीर ने शुरूआती पूछताछ में अहम खुलासे किए.
-इस सूचना के आधार पर यूपी पुलिस ने कानपुर से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया.
-यहां से यूपी एटीएस को सैफुल्लाह के बारे में जानकारी और लोकेशन मिली.
तेलंगना पुलिस से मिली शुरूआती जानकारी के आधार पर आखिरकार यूपी एटीएस ने कई घंटे चले ऑपरेशन के बाद सैफुल्लाह को मार गिराया.