मध्यप्रदेश विधानसभा का सोलहवां सत्र हुआ संपन्न: समन्वय और समयबद्धता की छाप

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 1644

14 फरवरी 2024। मध्यप्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का दूसरा सत्र आज बुधवार 14 फरवरी को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह सत्र समन्वय और समयबद्धता के साथ संचालित हुआ, जिसमें विधायी, वित्तीय तथा लोक महत्व के अनेक कार्य सम्पन्न हुए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार एवं कई वरिष्ठ मंत्रियों−सदस्यगणों ने विधानसभा में चर्चा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की सदन संचालन की शैली, नवाचार एवं समन्वय की नीति की प्रशंसा की।

सत्र की प्रमुख उपलब्धियां:
कुल 06 बैठकें: इस सत्र में कुल 06 बैठकें हुईं, जिसमें विधायी, वित्तीय तथा लोक महत्व के अनेक कार्य सम्पन्न हुए।
वित्तीय कार्य:
वर्ष 2024-25 के वार्षिक वित्तीय विवरण पर चर्चा कर लेखानुदान पारित किया गया।
वर्ष 2023-24 के द्वितीय अनुपूरक मांगों को स्वीकृति प्रदान की गई।

प्रश्नकाल:
कुल 2303 प्रश्न प्राप्त हुए, जिसमें 1163 तारांकित 1140 अतारांकित प्रश्न थे।

ध्यानाकर्षण:
ध्यानाकर्षण की कुल 541 सूचनाएं प्राप्त हुई, जिनमें 40 सूचनाएं ग्राहय हुई।

शून्यकाल:
शून्यकाल की 176 सूचनाएं एवं 242 याचिकाएं प्राप्त हुई।

विधेयक:
08 शासकीय विधेयक भी पारित किये गये।

अन्य महत्वपूर्ण कार्य:
राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव पर चर्चा।
हरदा शहर के ग्राम बैरागढ़ स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट से उत्पन्न स्थिति के संबंध में लाये गये स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा।
139 के अधीन अविलम्बनीय लोक महत्व के विषय पर विस्तृत चर्चा।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा:
"मध्यप्रदेश विधानसभा अपने नवाचारों के लिये जानी जाती है।"
"सदन में सदस्य अपनी बात रखने का अवसर प्रदान किया गया तथा महिला सदस्यों के प्रश्नों को प्राथमिकता दी गई।"
"शून्यकाल में जनहित के विषय उठाने के लिए भी अधिक-से-अधिक अवसर प्रदान करने हेतु जहां शून्यकाल की नये सदस्यों की सूचनाएं अधिक ली गईं, वहीं शून्यकाल अपराह्न में लिया गया।"
"भोजनावकाश स्थगित कर एवं सदन के समय में वृद्धि कर अनेक विषयों पर चर्चाएं पूर्ण कराई गईं।"
"विधायी सदन डिबेट, डॉयलॉग, डिस्कशन के केन्द्र होते हैं, जहां इनके माध्यम से जनता की आवाज को स्वर दिये जाते हैं।"
"इस सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर 36 एवं वित्तीय कार्यों पर 32 सदस्यों द्वारा की गई चर्चा इस बात का प्रतीक है कि माननीय सदस्य कितने गंभीर और प्रतिबद्ध हैं।"
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में प्रतिपक्ष दल के सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को बधाई दी।

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