
शहर में साइबर अपराधियों का आतंक, 60 गिरफ्तार
23 जुलाई 2024। शहर में साइबर अपराधियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। साइबर अपराध सेल के आंकड़ों के अनुसार, 2024 के पहले छह महीनों (जनवरी से जून) में, शहर के लोगों ने साइबर ठगों के हाथों 30 करोड़ रुपये गंवा दिए हैं। इस दौरान, साइबर सेल ने 60 लोगों को गिरफ्तार किया है।
नया तरीका, वही पुराना खेल
वरिष्ठ साइबर अपराध अधिकारियों ने बताया कि इस बार साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया तरीका ईजाद किया है। वे लोगों को "गेम खेलो और पैसे कमाओ" का झांसा देते हैं। लोग इस लालच में आ जाते हैं और फिर उनके बैंक खातों से पैसे साफ हो जाते हैं।
आंध्र प्रदेश और केरल के ठग
अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर आरोपी आंध्र प्रदेश और केरल के हैं। ये ठग पहले किसी अन्य राज्य में गिरफ्तार नहीं हुए थे।
एसएमएस से वार
ठग लोगों को एसएमएस भेजते हैं और जैसे ही वे लिंक पर क्लिक करते हैं, उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा लिए जाते हैं।
पोकर, सट्टेबाजी और शेयर ट्रेडिंग का झांसा
लोगों को पोकर और सट्टेबाजी जैसे गेम खेलने के लिए लुभाया जाता है। इसके अलावा, शेयर ट्रेडिंग में पैसे निवेश करने और ओटीपी आधारित धोखाधड़ी के बहाने भी लोगों को ठगा जा रहा है।
गृहिणियां और बुजुर्ग सबसे ज्यादा शिकार
सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर सेल) सुजीत तिवारी ने बताया कि ज्यादातर मामलों में शिकार होने वाले लोग गृहिणियां और बुजुर्ग हैं। उन्हें बैंकिंग जानकारी साझा करने के खतरों के बारे में कम जानकारी होती है।
बैंकिंग और दूरसंचार सुरक्षा में सुधार की जरूरत
उप पुलिस आयुक्त अखिल पटेल ने कहा कि बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए बैंकिंग और दूरसंचार सुरक्षा को मजबूत करना होगा।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें
किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
गेम खेलने या शेयर ट्रेडिंग के लिए अज्ञात लोगों से पैसे न दें।
यदि आप धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
- दीपक शर्मा
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