
4 दिसंबर 2024। भारत सरकार की भारतनेट परियोजना के तहत देशभर के ग्रामीण इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।
ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए पायलट परियोजना
बीएसएनएल ने एक पायलट परियोजना के तहत भारत नेट उद्यमी (बीएनयू) मॉडल के माध्यम से ग्राम पंचायतों और गांवों में हाई-स्पीड एफटीटीएच (फाइबर टू द होम) कनेक्शन प्रदान करना शुरू किया है। इस मॉडल में स्थानीय उद्यमियों और भागीदारों को शामिल कर ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
संशोधित भारतनेट कार्यक्रम
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त 2023 को भारतनेट के संशोधित कार्यक्रम (एबीपी) को मंजूरी दी। इस कार्यक्रम में 1,39,579 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
लक्ष्य:
देश के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में 2.64 लाख ग्राम पंचायतों और 3.8 लाख गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी।
बीएनयू मॉडल का उपयोग करके 1.5 करोड़ एफटीटीएच कनेक्शन वितरित करने का प्रावधान।
यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा और हाई-स्पीड इंटरनेट की पहुंच को बढ़ाएगा।
डिजिटल भारत के लिए बड़ा कदम
डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) के तहत वित्त पोषित इस परियोजना का उद्देश्य देश के दूरदराज इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाना है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने, शिक्षा, स्वास्थ्य, और ई-गवर्नेंस सेवाओं में सुधार लाने में सहायक होगा।
यह जानकारी संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासनी चंद्रशेखर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
भारतनेट परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड एफटीटीएच कनेक्टिविटी का विस्तार, डिजिटल भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण को नई ऊंचाई मिलेगी।