AI और डिजिटल इंटेलिजेंस से रोका जाएगा टेलीकॉम फ्रॉड, सरकार ने किए सुधार

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 196

3 अप्रैल 2025। Prativad Digital Desk| दूरसंचार विभाग ने साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। इस दिशा में संचार साथी पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, जहां नागरिक संदिग्ध कॉल्स और धोखाधड़ी वाले संदेशों की रिपोर्ट कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण पहलें:
🔹 डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP): दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग से जुड़ी सूचनाओं को साझा करने के लिए एक सुरक्षित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है।
🔹 अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल्स पर रोक: भारतीय मोबाइल नंबरों से आने वाली अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल्स को पहचानने और रोकने के लिए टेलीकॉम ऑपरेटर्स के साथ मिलकर एक नई प्रणाली तैयार की गई है।

🔹 मोबाइल कनेक्शनों के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई:
एआई आधारित उपकरणों का उपयोग कर फर्जी दस्तावेजों पर जारी किए गए संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की पहचान की जा रही है।
78 लाख से अधिक मोबाइल कनेक्शन पुनः सत्यापन के बाद बंद कर दिए गए हैं।
दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (TSP) के बिक्री केंद्रों (POS) का अनिवार्य पंजीकरण, बायोमेट्रिक सत्यापन और भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में POS का पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है।

🔹 सिम स्वैप और केवाईसी में सख्ती:
सिम स्वैप या प्रतिस्थापन के लिए सख्त केवाईसी प्रक्रिया लागू की गई है।
पेपर आधारित केवाईसी प्रक्रिया बंद की जा रही है।
दूरसंचार कंपनियों द्वारा जारी सिम कार्डों का नियमित ऑडिट किया जाएगा।

यह जानकारी संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासनी चंद्रशेखर ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी। सरकार के इन कड़े कदमों से साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और वित्तीय धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी।

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