ट्राइग्लिसराइड्स क्या है? जानें हेल्थ एक्सपर्ट सुशांत कुमार से ट्राइग्लिसराइड लेवल को हेल्दी रखने के आसान उपाय

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 154

ट्राइग्लिसराइड्स को लेकर फैली भ्रांतियों पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुशांत कुमार ने डाला प्रकाश
प्रतिवाद | विशेष संवाददाता

5 अप्रैल 2025। स्वस्थ जीवनशैली के लिए ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को संतुलित बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इससे जुड़ी कई भ्रांतियाँ आम लोगों में फैली हुई हैं। इन्हीं मिथकों को दूर करते हुए हेल्थ एंड वेलनेस चैनल के एक विशेष इंटरव्यू में हेल्थकेयर इनोवेटर सुशांत कुमार ने ट्राइग्लिसराइड्स से जुड़ी वैज्ञानिक सच्चाईयों को सरल भाषा में समझाया।

इस चर्चा का संचालन जाने-माने होस्ट रविंद्र सोनी ने किया, जिसमें यह बताया गया कि ट्राइग्लिसराइड्स को केवल ‘फैट’ के रूप में देखना एक अधूरी समझ है। दरअसल, ये हमारे शरीर की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में एक अहम भूमिका निभाते हैं।

❤️ माइक्रोबायोम: शरीर का अदृश्य संतुलनकर्ता
सुशांत कुमार के अनुसार, हमारे शरीर में लगभग 57% सेल्स माइक्रोब्स के होते हैं, जबकि केवल 43% ह्यूमन सेल्स होते हैं। ये सूक्ष्मजीव — विशेष रूप से पेट और मुंह में मौजूद माइक्रोबायोम — ट्राइग्लिसराइड्स को ऑक्सीडाइज, सिंथेसाइज और बायोट्रांसफॉर्म करने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं। एक स्वस्थ माइक्रोबायोम शरीर को ट्राइग्लिसराइड्स के असंतुलन से बचा सकता है।

❤️ गलत फैट नहीं, सही फैट ज़रूरी
सुशांत ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में बात करते हुए बताया कि 1958 में हुई एक बहुचर्चित रिसर्च के आधार पर फैट को हृदय रोगों का मुख्य कारण माना गया था। हालांकि यह अधूरी जानकारी थी। रिसर्च में केवल सात देशों को आधार बनाकर निष्कर्ष निकाला गया, जबकि सच यह है कि ट्रांस फैट्स, हाइड्रोजनेटेड ऑयल, और रिफाइंड ऑयल्स जैसे खराब फैट्स हानिकारक होते हैं। वहीं दूसरी ओर हेल्दी फैट्स — जैसे घी, नारियल तेल, ओमेगा-3 फैटी एसिड आदि — शरीर के लिए आवश्यक हैं।

❤️ ट्राइग्लिसराइड्स को हेल्दी रखने के सुझाव
सुशांत कुमार ने ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को संतुलित बनाए रखने के लिए कुछ आसान लेकिन प्रभावी उपाय बताए:
रिफाइंड और ट्रांस फैट्स से दूरी बनाए रखें
प्राकृतिक और पारंपरिक तेलों का उपयोग करें
गट हेल्थ सुधारने के लिए फाइबर और प्रोबायोटिक युक्त आहार लें
नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन अपनाएं
पर्याप्त नींद और विश्राम शरीर की चयापचय क्रियाओं को संतुलित रखने में मदद करता है



❤️ विशेषज्ञ का उद्देश्य
स्पेन के प्रतिष्ठित iBusiness School से MBA कर चुके सुशांत कुमार का मानना है कि मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था में बीमारियों की पहचान देर से होती है। उनका मिशन है ऐसी डायग्नोस्टिक तकनीकों का विकास करना जो बीमारियों को जन्म लेने से पहले ही पहचान लें और रोका जा सके।

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