अधिकारियों के जरिए पैसा खा रहे मंत्री: गोविंद सिंह

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Place: Bhopal                                                👤By: DD                                                                Views: 18147

22 मार्च 2017, विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान आदिवासी क्षेत्रों में बिजली के ट्रांसफार्मर न बदले जाने को लेकर कांग्रेस के गोविंद सिंह और वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार के बीच तीखी नोंक-झोंक हो गई। गोविंद सिंह का आरोप था कि मंत्री अधिकारियों से मिलकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं और सरकार का पैसा खा रहे हैं। प्रश्नकाल में भाजपा विधायक पारूल साहू ने ट्रांस्फार्मर का मामला उठाया। साहू ने कहा अनुदान स्वीकृत होने के बाद भी विभाग में प्रकरण लंबित हैं। उनके सवाल के दौरान चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि पहले अनुसूचित जाति और जनजाति के इस तरह के प्रकरणों के लिए जिलास्तर पर एक समिति होती थी जिसमें विधायक भी सदस्य होते थे। उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि अब इस तरह की समिति अस्तित्व में क्यों नहीं है। इसी बीच कांगे्रस के गोविंद सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया कि जिन लोगों की पहुंच होती है सिर्फ उनके क्षेत्र में ही ट्रांसफार्मर लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों से मिलकर मंत्री भ्रष्टाचार कर रहे हैं और पैसा खा रहे हैं।



भड़के डॉ. शेजवार, बोले आरोप अनर्गल

गोविंद सिंह के आरोप पर वन मंत्री डाक्टर गौरीशंकर शेजवार ने तीखी आपत्ति लेते हुए उनसे कहा कि वे सदन में कुछ भी अनर्गल बाते कह रहे हैं। उन्होंने अध्यक्ष से इसे सदन की कार्यवाही से विलोपित करने का आग्रह किया। इस पर गोविंद सिंह से उनकी बहस हो गई।



बीजेपी विधायक का आरोप, नर्सिंग होम बन गए स्लाटर हाउस

भाजपा विधायक गिरीश गौतम ने आज प्रायवेट नर्सिंग होमों में चल रही मनमानी का मुद्दा विधानसभा में उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके जिले रीवा के नर्सिंग होम स्लाटर हाऊस बन गए हैं और इलाज के नाम पर लोगों को खुलेआम लूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने रीवा के संजय गांधी अस्पताल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यहां भी बिजली के बिलों में अनियमितता की जा रही है। गौतम का कहना था कि सरकार अस्पताल में इलाज न मिलने से लोग प्रायवेट अस्पतालों का रूख करते हैं पर प्रायवेट नर्सिंग होमों पर अंकुश न होने से ये स्लाटर हाऊस बन गए हैं।



15 फीसदी कमीशन पर हो रहे काम

शिवपुरी जिले से विधायक शकुन्तला खटीक ने अनुसूचित कल्याण विभाग के बजट से होने वाले कामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन कामों की मैंने अनुशंसा की थी उन्हें न करते हुए विभाग ने दूसरे काम कर दिए और जो काम किए हैं उन्हें मेरी अनुशंसा से जोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में 15 प्रतिशत कमीशन देकर काम कराने का खेल चल रहा है। मंत्री लाल सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की 15 दिन में जांच करा लेंगे और दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।



मुरैना में हाईस्कूल का पेपर फिर लीक नेता प्रतिपक्ष बोले शिक्षा माफिया हावी

ग्वालियर, ब्यूरो। शिक्षा माफियाओं के गढ़ के रूप में कुख्यात हो रहे मुरैना में बुधवार एक बार फिर माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं कक्षा का हिंदी का पेपर लीक हो गया। बुधवार को हिंदी का पेपर था, यह पर्चा सुबह से ही मुरैना में वॉट्सएप पर लीक हो गया। वॉटसएप पर जो पेपर वाइरल हुआ है, वह हूबहू शिक्षा मंडल द्वारा तैयार किए गए पेपर जैसा है और इसमें पेपर पर अंकित होने वाला बारकोड भी नजर आ रहा है। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी मुरैना आरएन नीखरा ने इसे अफवाह बताया है। दूसरी ओर, हाईस्कूल का पेपर लीक का मामला विधानसभा में भी उठा। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि आज एक बार फिर पेपर लीक की घटना से बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ की स्थिति बनी है। सरकार ठोस कदम नहीं उठा रही। कांग्रेस विधायक गोविन्द सिंह ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा माफिया हावी है। भोपाल में पेपर छपते हैं जिसे माफिया बेचता है।



अटैचमेंट खत्म तो फिर क्यों अटैच हैं शिक्षक

प्रश्नोतर काल के दौरान ही विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि सरकार ने अटैचमेंट खत्म करने का आदेश जारी कर रखा है। इसके बाद भी राज्य विज्ञान संस्थान और अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय जबलपुर में 2 शिक्षक अटैच हैं। विधायक सिंह ने कहा कि या तो अटैचमेंट का आदेश खत्म कर दें या फिर शिक्षकों को हटाएं। इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने नियुक्ति को सही बताया और कहा कि जरूरत के हिसाब से यह आदेश किया गया है। एक अन्य मामला सचिन यादव ने विमुक्त एवं घुमक्कड़ विभाग के लिए जारी राशि पर उठाया। इन्होंने कहा कि उनके जिले में 11 कामों के लिए मात्र 49 लाख आवंटित किए हैं। ऐसे में इनका विकास कैसे होगा? इसके लिए बजट बढ़ाने की मांग की जिस पर मंत्री ललिता यादव ने कहा कि दो काम स्वीकृत हैं।

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