
पाकिस्तान के खिलाफ अहम सबूत भारत के हाथ लगे हैं. पठानकोट एयरबेस हमले में पाकिस्तानियों के शामिल होने को लेकर दी जा रही भारत की दलीलों को इससे काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है. पठानकोट हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को अमेरिका ने एक हजार पन्ने का डोजियर सौंपा है.पठानकोट हमले के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के चारों फिदायीन पाकिस्तान स्थित पंजाब का नासिर हुसैन, गुजरांवाला का अबू बकर और सिंध प्रांत का उमर फारूख और अब्दुल कयूम लगातार 80 घंटे तक पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से लगातार संपर्क में थे. डोजियर में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आकाओं के बीच एक तय समय में हुई बातचीत भी दर्ज है.अमेरिका ने एनआईए को MLAT (म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी) के तहत ऐसी तमाम जानकारियां सौंपी हैं. एनआईए के अधिकारी इन सबूतों का विश्लेषण कर रहे हैं. जांच के मुताबिक वॉट्सएप पर बातचीत के अलावा कासिम जान एक फेसबुक अकाउंट भी चला रहा था. अकाउंट उसी नंबर से जुड़ा हुआ था जिससे हमलावरों ने एसपी सलविंदर सिंह को किडनैप करते वक्त पठानकोट से कॉल किया था.