भारत और रूस के बीच हुआ अब तक का सबसे बड़ा समझौता

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Place: गोवा                                                👤By: वेब डेस्क                                                                Views: 17976

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले भारत और रूस के बीच रक्षा के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा समझौता हुआ है। जी हां दोनों देशों के बीच एस 400 खरीदने पर मुहर लग चुकी है। बता दें कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक अहम बैठक की। इस बैठक में एनर्जी, टैफिक और स्मार्ट सिटी से संबंधित तकरीबन 16 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इतना ही नहीं रूस ने ये भी साफ़ कर दिया है कि वह भारत के मेक इन इंडिया मुहिम में भी साथ है। इस बैठक में मोदी ने पाक पर इशारों ही इशारों में पाक पर निशाना साधते हुए कहा, एक पुराना दोस्त दो पुराने दोस्तों से बेहतर होता है।



बता दें कि इससे पहले भी भारत संयुक्त राष्ट्र महासभा, जी 20 जैसे विश्व मंचों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठा चुका है। जी 20 में पाक का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा था दक्षिण एशिया का एक देश इस क्षेत्र में आतंकवाद फैला रहा है। इतना ही नहीं संयुक्त राष्ट्र की महासभा की बैठक को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी पाक पर निशाना साधा था। स्वराज ने कहा था, जिंदा पकड़े गए एक आतंकी ने स्वीकार किया है कि आतंकवाद को फैलाने में पाकिस्तान का हाथ है। सीमा पार आतंक का इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है।



गोवा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

गोवा में आज से शुरू होने जा रहे ब्रिक्स सम्मेलन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। काफ़ी संख्या में यहां पर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। ब्रिक्स सम्मेलन की ओर जाने वाले रास्तों पर इसके सदस्य देशों के झंडे सड़क के दोनों ओर लगाए गए हैं। वहीं हमले की आशंका के मद्देनज़र समुद्री तट पर सेना के जवानों और एंटी एयरक्राफ्ट गन को लगाया गया है। इस पूरे इलाके पर सुरक्षाबलों की कड़ी निगाहें लगी हैं।



कमल का फूल बना ब्रिक्स का निशान

इस बार कमल के फूल को ब्रिक्स सम्मलेन का निशान बनाया गया है। इसमें अलग-अलग रंग भरे गए हैं। ब्रिक्स के सदस्य देशों में भारत के अलावा ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल है। इस बार ब्रिक्स के इस निशान में सभी देशों को अलग अलग रंग देने की कोशिश की गई है। बता दें कि जब से पाकिस्तान में सार्क सम्मेलन के रद्द होने के बाद भारत में हो रही इन बैठकों का महत्व बढ़ गया है। बहरहाल, इस बैठक में भूटान के प्रधानमंत्री, बांग्लादेश , नेपाल ,श्रीलंका, थाइलैंड और म्यांमार के नेता शामिल होंगे।



क्या है ब्रिक्स सम्मेलन?

ब्रिक्स की स्थापना वर्ष 2011 में हुई थी। ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, इंडिया, चाइना, साउथ अफ्रीका) देशों का एक ग्रुप है।इसमें शामिल देशों, जिनकी संयुक्त अनुमानित जीडीपी लगभग 16,000 अरब अमेरिकी डॉलर है। इस ग्रुप को बनाने का मकसद अपने इकॉनोमिक और पॉलिटिकल दबदबे से वेस्टर्न कंट्री के रुतबे को चुनौती देना है। ब्रिक्स ने वॉशिंगटन में मौजूद इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड और वर्ल्ड बैंक के मुकाबले अपना खुद का बैंक बनाया है।

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