
25 जून 2024। 1985 के विमान बम विस्फोट के 329 पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, भारत ने कनाडा पर निशाना साधा है।
कनाडा में भारतीय दूतावास ने देश में आतंकवाद के समर्थन को लेकर कड़ी निंदा की। उनका आरोप है कि कनाडा "नियमित रूप से" ऐसा कर रहा है।
यह विवाद 1985 में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की बरसी पर सामने आया है। इस हादसे में सिख अतिवादियों द्वारा कथित रूप से लगाए गए बम के कारण विमान हवा में ही विस्फोट हो गया था। इस हादसे में 268 कनाडाई नागरिक और 24 भारतीय मारे गए थे।
भारतीय दूतावास का कहना है कि इस "जघन्य अपराध" के लिए जिम्मेदार लोगों को आज तक सजा नहीं मिली है। दूतावास ने यह भी कहा कि यह "दुर्भाग्यपूर्ण" है कि कनाडा में खालिस्तान समर्थकों को खुलेआम प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाती है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस घटना को "यह याद दिलाने वाला दिन बताया कि आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।"
कनाडा में तनावपूर्ण माहौल
इस घटना के साथ ही कनाडा और भारत के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है। पिछले साल कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि "भारतीय एजेंट" कनाडा में एक सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए जिम्मेदार हैं। भारत ने इन आरोपों को खारिज कर दिया और कनाडा पर "आतंकवादियों को पनाह देने" का आरोप लगाया।
हाल ही में कनाडा की संसद ने निज्जर की मौत की पहली बरसी पर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। वहीं, कुछ कार्यकर्ताओं ने वैंकूवर में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक नाटकीय हत्या का मंचन किया।
न्याय की मांग
1985 के विमान हादसे के पीड़ितों के परिवार अभी भी न्याय की मांग कर रहे हैं। भारत का कहना है कि कनाडा को आतंकवाद के समर्थन को रोकना चाहिए और 1985 के मामले में शामिल लोगों को सजा दिलाने में सहयोग करना चाहिए।