
2 जुलाई 2024। भारत के नव नियुक्त थल सेनाध्यक्ष, जनरल मनोज पांडे ने हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में देश की थल सेना के लिए अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित किया है। इन प्राथमिकताओं में आधुनिकीकरण, रक्षा उपकरणों में आत्मनिर्भरता और सैनिकों की उच्चतम ऑपरेशनल तैयारगी बनाए रखना शामिल है।
जनरल पांडे ने सैनिकों को सबसे उन्नत रक्षात्मक प्रणालियों से लैस करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित हल्के टैंकों के आगामी परीक्षणों का उल्लेख किया। ये हल्के टैंक देश की उत्तरी सीमाओं पर होने वाले कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
उनका आत्मनिर्भरता पर जोर सरकार की "आत्मनिर्भर भारत" पहल के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य रक्षा उपकरणों के लिए विदेशी आयात पर निर्भरता कम करना है। जनरल पांडे ने महत्वपूर्ण सैन्य हार्डवेयर की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए घरेलू उत्पादन के महत्व पर बल दिया।
साक्षात्कार में नई "अग्निपथ" योजना के तहत सैनिकों को शामिल करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। इस कार्यक्रम का लक्ष्य एक निश्चित अवधि के लिए युवा सैनिकों को लाना है, जिससे एक अधिक युवा और चुस्त सेना का निर्माण हो सके।
जनरल पांडे की प्राथमिकताएं भारत की रणनीतिक चिंताओं और एक अधिक आधुनिक और आत्मनिर्भर सेना बनाने की उसकी इच्छा को दर्शाती हैं। सैनिकों की तैयारगी पर उनका जोर एक सुसज्जित और संभावित सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार सेना के महत्व को रेखांकित करता है।