
18 जुलाई 2024। भारत के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज, WazirX को गुरुवार, 18 जुलाई की सुबह एक बड़े सुरक्षा उल्लंघन का सामना करना पड़ा, जिसके कारण 230 मिलियन डॉलर से अधिक की डिजिटल संपत्ति चोरी हो गई। इस घटना ने भारतीय क्रिप्टो बाजार में खलबली मचा दी है और यूजर्स के फंड की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या हुआ?
जानकारी के अनुसार, यूरोपीय समय के शुरुआती घंटों में WazirX के एक मल्टीसिग वॉलेट में सुरक्षा (chowk, loophole) का पता चला। मल्टीसिग वॉलेट एक प्रकार का हाई-सिक्योरिटी वॉलेट होता है, जिसमें लेनदेन को पूरा करने के लिए कई तरह की मंजूरी की आवश्यकता होती है। माना जा रहा है कि हैकर्स ने किसी तरह इस सुरक्षा प्रणाली को भेद दिया और वॉलेट से अनधिकृत लेनदेन कर डिजिटल संपत्ति को किसी अन्य वॉलेट में ट्रांसफर कर दिया.
WazirX की प्रतिक्रिया
WazirX ने इस घटना की पुष्टि अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए की। कंपनी ने बताया कि उनकी टीम मामले की जांच कर रही है। यूजर्स के फंड की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए WazirX ने फिलहाल सभी INR और क्रिप्टो निकासी को रोक दिया है।
चोरी गई राशि कितनी?
WazirX और अन्य साइबर सिक्योरिटी फर्मों के मुताबिक, इस हमले में लगभग 234.9 मिलियन डॉलर मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी चोरी हुई है। चोरी गई क्रिप्टो में बिटकॉइन, ईथर और अन्य लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी शामिल हो सकती हैं।
असर
यह घटना न केवल WazirX के लिए बल्कि पूरे भारतीय क्रिप्टो बाजार के लिए एक बड़ा झटका है। इससे यूजर्स के बीच डर का माहौल बन सकता है और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों की संख्या कम हो सकती है। वहीं, दूसरी ओर, यह घटना सरकार और रेगुलेटर्स के लिए भी एक चेतावनी है। इससे यह साफ हो जाता है कि क्रिप्टो एक्सचेंजों को मजबूत सुरक्षा प्रणाली लागू करने की जरूरत है।
आगे क्या?
WazirX की जांच से यह पता चल सकेगा कि आखिर इस सुरक्षा भंग के लिए कौन जिम्मेदार है और हैकर्स ने किस तरह से वॉलेट में सेंध लगाई। साथ ही, WazirX को यह भी बताना होगा कि वह चोरी गई राशि को वापस दिलाने के लिए क्या कदम उठा रही है।