
4 अप्रैल 2025। केंद्र सरकार ने प्रेस-काउंसिल ऑफ इंडिया (भारतीय प्रेस परिषद) के नाम के अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कुछ प्रेस संगठनों द्वारा 'प्रेस-परिषद' शब्द का अनुचित उपयोग किया जा रहा है, जिससे प्रेस-काउंसिल ऑफ इंडिया की संस्थागत गरिमा प्रभावित हो रही है और उसके विशिष्ट अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
✍🏻️ सरकार की सख्ती: प्रेस-काउंसिल ऑफ इंडिया एकमात्र मान्यता प्राप्त निकाय
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रेस-काउंसिल ऑफ इंडिया एक सांविधिक निकाय है, जिसकी स्थापना प्रेस-परिषद अधिनियम, 1978 के तहत प्रेस की स्वतंत्रता को बनाए रखने और समाचार-पत्रों एवं समाचार एजेंसियों के मानकों को सुधारने के लिए की गई थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में स्थित है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय प्रेस-परिषद की किसी भी राज्य में कोई शाखा नहीं है और न ही उसने किसी अन्य संगठन को अपने समान या मिलते-जुलते नाम का उपयोग करने की अनुमति दी है।
✍🏻️ नाम का अनुचित उपयोग करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रेस-काउंसिल अथवा भारतीय प्रेस-परिषद शब्द के दुरुपयोग को प्रतीक और नाम के अनुचित उपयोग निवारण अधिनियम, 1950 की धारा 3 और प्रविष्टि 7(ii) का उल्लंघन माना जाएगा। केंद्रीय विधि विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अन्य संगठन इस नाम का उपयोग करता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
✍🏻️ सभी जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश
सरकार ने सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिया है कि यदि कोई स्थानीय, निजी या सरकारी संगठन प्रेस-काउंसिल ऑफ इंडिया के नाम का दुरुपयोग करता है, तो उसके पंजीकरण को रद्द किया जाए या आवश्यक सुधार किए जाएं।
✍🏻️ प्रेस की स्वतंत्रता और मानकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
इस सख्त एडवाइजरी का उद्देश्य प्रेस-काउंसिल ऑफ इंडिया की प्रतिष्ठा को बनाए रखना और प्रेस की स्वतंत्रता व उच्च मानकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।