यूपी और पहाड़ केसरिया रंग में सराबोर

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Place: New Delhi                                                👤By: DD                                                                Views: 19405

आज सुबह से पांच राज्यों के चुनावों के लिए हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों को अगर नतीजे मानें तो बीजेपी समर्थकों की केसरिया होली खेलने की हसरत पूरी होती नजर आ रही है। दरअसल इन आंकड़ों के अनुसार भाजपा यूपी और उत्तराखंड में स्पष्ट बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। रुझानों में पीएम नरेंद्र मोदी की प्रचंड लहर साफ नजर आई। रुझानों की वजह से यह लहर यूपी में 1991 में बीजेपी की सरकार बनते वक्त छाए राम लहर से भी बड़ी मोदी की लहर नजर आ रही है। बता दे कि आम चुनाव 2014 की तरह ही मतगणना के शुरुआती एक घंटे में ही बीजेपी ने बाकी पार्टियों का गेम ओवर कर दिया। लेकिन सुबह 9:30 बजे तक यूपी के 403 सीटों में आए 321 के रुझानों में सिर्फ भाजपा छाई नजर आ रही है। बीजेपी और सहयोगी पार्टियां 214, एसपी और कांग्रेस गठबंधन को 60, बीएसपी को 35 जबकि अन्य 12 सीट पर आगे थे। वहीं, चुनावों में कांटे की टक्कर के बाद फैसला देने वाले उत्तराखंड में भी बीजेपी ही छाई हुई नजर आई। यहां 70 में से 61 सीट पर आए रुझानों में बीजेपी 47, कांग्रेस 12, जबकि दो सीट पर अन्य पार्टियां आगे थी। दरअसल मंदिर आंदोलन के वक्त जनता का चरम समर्थन के सहारे यूपी में सरकार बनाने वाली बीजेपी को उस वक्त 221 सीटें मिली थीं। उस वक्त कांग्रेस को महज 46 सीटें ही मिली थीं। उस वक्त बीजेपी को 31.76% वोट मिले थे। 1991 के चुनाव कुल 419 सीटों पर हुए थे। एक आकलन के मुताबिक, बीजेपी को इस बार 280 से ज्यादा सीटें और करीब 40 पर्सेंट वोट शेयर मिलने की उम्मीद है। भाजपा के नेताओं के अनुसार है कि यह तय है कि इस बार के चुनावी नतीजे पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के कद पर भी असर डालेंगे। पहले से ही पूरी तरह से पार्टी और सरकार पर मजबूत पकड़ बना चुकी मोदी-शाह की जोड़ी के लिए यह जीत मनोबल और ज्यादा बढ़ाने वाली साबित होगी। यही नहीं, पार्टी के भीतर जो नाराज नेता मौके के इंतजार में हैं, उनके रास्ते बंद हो जाएंगे। पार्टी के एक नेता के मुताबिक, इन चुनावों में भी प्रचार का केंद्र बिंदु खुद पीएम मोदी ही रहे हैं।













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